क्या पार्टी का विधान संविधान से बड़ा है - क्या यही प्रजातन्त्र है ?

संस्कृति हमारा देश संवैधानिक रूप से प्रजातन्त्र है जहाँ व्यक्ति को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार है , इसी अधिकार के अंतर्गत वह अपने प्रतिनिधि विभिन्न रूपों में चुनता है . यह स्थानीय संस्थाओं से लेकर सर्वोचः लोक सभा तक लोगों को चुनने के लिए दिया गया है . अब... [पूरी पोस्ट]
writer डॉ महेश सिन्हा
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[24 Mar 2010 07:10 AM]

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