यह सोच मैं हूँ हैरान

Kusum's Journey " यह सोच मैं हूँ हैरान "बहुत कठिन है साथ में हँसना ,और किसी की खातिर रोना ,सँग सँग जीवन पथ पर फिर भी , चलना है आसान ,यह सोच मैं हूँ हैरान ।महल से न कम घर होगा ,क्या सोची थी यह कब होगा ?जीवन की सच्चाई का तब ,क्यों नहीं मुझे था भान ,यह सोच मैं हूँ हैरान... [पूरी पोस्ट]
writer Kusum Thakur
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[24 Mar 2010 05:12 AM]

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