मेरी माँ बोली "हरियाणवी" में एक कहानी
महादे-पारवती ( महादेव- पार्वती) एक बर की बात सै। पारबती महादे तैं बोल्ली - महाराज, धरती पै लोग्गाँ का क्यूँक्कर गुजारा हो रहया सै? हमनै दिखा कै ल्याओ। महादे बोल्ले- पारबती, इन बात्ताँ मैं के धरया सै? अडै सुरग मैं रह, अर मोज लूट। धरती पै आदमी...
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सुशील कुमार छौक्कर
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[24 Mar 2010 00:47 AM]



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