आज श्री राम नवमी के पावन अवसर पर भगवान श्री राम के प्रति श्रधा पूर्वक नमन

साहित्य सर्जक भगवान श्री सीता राम जी किस ने देखा राम हृदय की घनीभूत पीड़ा को कह भी जो न सके किसी से उस गहरी पीड़ा को क्या ये सब सेवाके बदले मिला राम के मन को आदर्शों पर चल कर ही तो पाया इस जीवन को राम तुम्हारा हृदय लेह धातु से अधिक कठिन है पिघल सका न किसी अग्नि से ऐसी... [पूरी पोस्ट]
writer vedvyathit
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[24 Mar 2010 00:03 AM]

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