श्री रामचँद्र कृपालु भजु मन
श्री रामचँद्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणम्।नवकंज-लोचन, कंज-मुख, कर कंज, पद कंजारुणम्।।कंदर्प अगणित अमित छबि, नवनील-नीरद सुंदरम्।पट पीत मानहु तड़ित रुचि शुचि नौमि जनक-सुतानरम्।।भजु दीनबंधु दिनेश दानव-दैत्य-वंश-निकंदनम्।रघुनंद आनँदकंद कोशलचंद...
[पूरी पोस्ट]
Meenu Khare
श्री रामचँद्र
22
1
0
1
4
[23 Mar 2010 12:37 PM]



Shuffle








