पतंजलि योग दर्शन-योग साधना से अशुद्ध बुद्धि का नाश होता है (yog sadhna se buddhi nirman)
योगांगनुष्ठानादशुद्धिक्षये ज्ञानदीप्तिराविवेकख्यातेः।।हिन्दी में भावार्थ-योग साधना के द्वारा अंगों का अनुष्ठान करने से अशुद्धि का नाश होने पर जो विवेक का प्रकाश फैलता है उससे निश्चित रूप से ख्याति मिलती है।वर्तमान संदर्भ में संपादकीय व्याख्या-पतंजलि योग...
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दीपक भारतदीप
हिन्दू-धर्म
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[23 Mar 2010 00:10 AM]



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