शहीदों के नाम माफ़ीनामा

प्रेम का दरिया शहीदो मैं पूरे देश की ओर सेआपसे क्षमा चाहता हूँहमें माफ़ करनाहमारे भीतर आप जैसादेश प्रेम का जज़्बा नहीं रहाहमारे लिए देशरगों में दौड़ने वाला लहू नहीं रहाअंतराष्ट्रीय सीमाओं से आबद्धभूमि का एक टुकड़ा मात्र है देशहमें माफ़ करना हम भूल गये हैंजन-गण-मन औरवंदे... [पूरी पोस्ट]
writer प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi

कविता

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[22 Mar 2010 22:55 PM]

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