इक सपना मैं ने देखा है

किस से कहें ? २३ मार्च ! ज़िन्दगी का एक अहम दिन .... आज के दिन ज़िन्दगी का रुख बदल गया ....इक सपना मैं ने देखा है क्या अजब निराला सपना है है सपना, लेकिन अपना है ना दश्त न कोई सहरा है इस पर न किसी का पहरा है ता हद्द-ए-नज़र बस तू ही तू ता हद्द-ए-नज़र कलियाँ ख़ुशबू लब पर... [पूरी पोस्ट]
writer अमिताभ मीत
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[22 Mar 2010 22:09 PM]

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