आज मरते मरते बचे!

सारथी मेरे मंझले साढू भाई की बिटिया की शादी तय करने के लिये आज सुबह दो कारों पर हम नौ जने आज सुबह लगभग 150 किलोमीटर की यात्रा पर गये। एलप्पी में नाश्ते के लिये एक जानेमाने हॉटेल में उतरे और आर्डर दिया। हम लोग इंतजार कर रहे थे कि एकदम से खाकी वस्त्रधारी दस [...]... [पूरी पोस्ट]
writer Shastri JC Philip
views
82
upvote
4
downvote
0
rating
4
comments
15
[22 Mar 2010 11:41 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix