अवतारों के उपदेशों का

Jogeshwar Garg अवतारों के उपदेशों का सब ग्रंथों का सार यही है ढाई आखर पढ़ ले बन्दे कबीरा तूने खूब कही है सागर सूखा और हिमालय डूब गया गहराई में कैसे समझाऊँ मैं यारों कैसी उल्टी धार बही है धरती डोली अम्बर कांपा तूफां चारों ओर मचा है जब भी कोई दिल... [पूरी पोस्ट]
writer jogeshwar garg

ghazal

views
19
upvote
2
downvote
0
rating
2
comments
0
[22 Mar 2010 09:57 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix