किंतु परंतु लेकिन फिर भी आओ साथी सपना देखें
पृथ्वी थियेटर में कल शाम (21 मार्च 6 बजे का शो) एक नाटक देखा, आओ साथी सपना देखें. दो साल पहले पृथ्वी फैस्टीवल में जब यह पहली बार खेला गया था, तो देखना था पर छूट गया. कल मौका मिला. वह भी बच्चों के साथ. दस, चौदह और सत्रह साल के तीन बच्चे हमारे साथ थे....
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anup
नाटक समीक्षा
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[22 Mar 2010 04:15 AM]



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