बाज़ार : एक
पैर नहीं थकतेआँखें थक जाती हैंइस बाज़ार मेंबच्चे की तरह उँगली पकड़करसाथ चलते हैं सपनेऔर फिर गुम जाते हैंरंग-बिरंगी खुश्बूदार भीड़ मेंमैं सपने तलाशता हूँइस बाज़ार मेंऔर फिर-पैर भी थक जाते हैं....
[पूरी पोस्ट]
मणिमोहन
14
0
0
0
4
[22 Mar 2010 03:12 AM]



Shuffle








