बहरे कई प्रकार के
बहरे कई प्रकार के, भांत - भांत के लाभ |जब तक काम पड़े नहीं, तब तक लाभ ही लाभ ||तब तक लाभ ही लाभ , चिल्ला कर वक्ता कहे |मन मन...
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[21 Mar 2010 22:43 PM]



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