समेटना बिखरे भावों का- भाग १

उडन तश्तरी  .... भावों और विचारों का क्या है? वक्त बेवक्त किसी भी रुप में चले आते हैं. कभी दर्ज कर लिया, कभी छूट गये. दर्ज कर लिया तो एक दस्तावेज के रुप में सहेजने का दिल हो आता है. कुछ छोटी छोटी पंक्तियाँ अपनी ही तस्वीरों पर दर्ज कर के कभी ऑर्कुट पर, कभी फेस बुक पर... [पूरी पोस्ट]
writer Udan Tashtari

कविता

views
47
upvote
9
downvote
0
rating
9
comments
25
[21 Mar 2010 21:00 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix