हाइकु ग़ज़ल: आया वसंत............ संजीव 'सलिल'

लखनऊ ब्लॉगर एसोसिएशन आया वसंत, / इन्द्रधनुषी हुए / दिशा-दिगंत..शोभा अनंत / हुए मोहित, सुर / मानव संत..*प्रीत के गीत / गुनगुनाती धूप / बनालो मीत.जलाते दिए / एक-दूजे के लिए / कामिनी-कंत..*पीताभी पर्ण / संभावित जननी / जैसे विवर्ण..हो हरियाली / मिलेगी खुशहाली / होगे... [पूरी पोस्ट]
writer आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल'

samyik hindi kavita

views
14
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[21 Mar 2010 14:27 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix