हाइकु ग़ज़ल: आया वसंत............ संजीव 'सलिल'
आया वसंत, / इन्द्रधनुषी हुए / दिशा-दिगंत..शोभा अनंत / हुए मोहित, सुर / मानव संत..*प्रीत के गीत / गुनगुनाती धूप / बनालो मीत.जलाते दिए / एक-दूजे के लिए / कामिनी-कंत..*पीताभी पर्ण / संभावित जननी / जैसे विवर्ण..हो हरियाली / मिलेगी खुशहाली / होगे...
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आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल'
samyik hindi kavita
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[21 Mar 2010 14:27 PM]



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