देह की बात

deehwara देह की बात हो तो कहे भी कोईमन की तकलीफ का ज़िक्र क्या कीजिये सांस एक डोर है फड़फड़ाती हुई जोर से खींचिए फिर उड़ा दीजिए.फागुनी गंध-सा टीसता है ये मनइन कुंवारी हवाओं का स्पर्श कर         स्नेह की आखिरी बूँद तक किस... [पूरी पोस्ट]
writer prkant

देह

views
15
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[21 Mar 2010 10:43 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix