खबर बनती है.
क़त्ल करने या कराने पे खबर बनती हैअस्मतें लुटने, लुटाने पे खबर बनती हैकोई पूछेगा नहीं लिख लो किताबें कितनीअब किताबों को जलाने पे खबर बनती हैनाचने वाले बहुत मिलते हैं इस दुनिया मेंअब तो दुनिया को नचाने पे खबर बनती हैबात ईमां की करोगे तो रहोगे गुमनामआज तो...
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Dr. Chandra Kumar Jain
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[21 Mar 2010 08:45 AM]



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