रोमन कथा वाया बाईपास अर्थात् हिन्दी पर एक और आक्रमण
रोमन का रोमांस श्री असगर वजाहत के इस आह्वान को स्वीकार करते हुए मुझे प्रसन्नता है कि 'आज समय का तकाजा है कि हम हिन्दी भाषा की लिपि पर विचार करें और इस संबंध में जनमत बनाने पर विचार करें।' मेरा खयाल है, विचार करने पर कोई नई बात सामने आती है, तभी जनमत...
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कविता वाचक्नवी Kavita Vachaknavee
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[21 Mar 2010 06:22 AM]



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