सास का ओढना बनता है पतोहू का नकपोछना...
इस कहावत का अर्थ है -“ एक पीढ़ी के धरोहर अगली पीढ़ी के लिए बेकार होते हैं या कहें कि अगली पीढ़ी के लिए वे बहुत ज्यादा मायने नहीं रखते हैं.” सास के लिए जो ओढना बहुत महत्वपूर्ण है, दिल के करीब है, अजीज है....वो पतोहू के लिए नाक पोछने योग्य ही माना...
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कृष्ण मुरारी प्रसाद
सास
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[21 Mar 2010 05:14 AM]



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