गर प्यार से छू ले

zindagi आज भी सिहर जाए रोम रोमगर तूप्यार से छू ले मुझेआज भीडूब जाऊँ नैनों की मदिरा में गर तूनज़र भर देख ले मुझेआज भी बंध  जाऊँबाहुपाश में तेरे गर तूस्नेहमय निमंत्रण दे उर स्पन्दनहीननहीं हैबस नेह जल... [पूरी पोस्ट]
writer वन्दना
views
20
upvote
4
downvote
0
rating
4
comments
20
[21 Mar 2010 01:07 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix