कविता: चिर पिपासु -आचार्य श्यामलाल उपाध्याय

स्मृति-दीर्घा ... कविता:चिर पिपासुश्यामलाल उपाध्यायचिरंतन सत्य के बीचश्रांति के अवगुंठन के पीछेचिर प्रतीक्षपन्न निस्तब्धनिरखता उस मुकुलित पुष्प कोऔर परखता उस पत्र कानिष्करुण निपातजिसमें नव किसलय केस्मिति-हास की परिणतितथा रोदन के आवृत्त प्रलाप.निदर्शन-दर्शन के... [पूरी पोस्ट]
writer आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल'
views
9
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
1
[20 Mar 2010 15:53 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix