प्यार में पगी कविता सी कोई
मेरे सपनो को नया रंग दो,जीवन भर तुम मेरा संग दो।पतझड़ में भी रहे जो हरी सी, मन में मेरी ऐसी उमंग दो।रहूँ सोचता हर घडी मैं जिसको,प्यार की वो मीठी तरंग दो।कागज़ से कोरे इस मन को, अपने प्यार के रंग से रंग दो।चन्दन चन्दन महकूँ हरदम,मेरे जीवन को ऐसी सुगंध दो...
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Nihar Khan
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[20 Mar 2010 11:32 AM]



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