गौरैया से----

Creative Kona प्यारी गौरैयाक्यों रूठ गई हो तुमहमसेपिछले कुछ सालों से।मेरा आंगन घरऔर खपरैले पर फ़ैलीलौकी की बेलसब बाट जोह रहेतुम्हारी वापसी का।तुम्हारीचीं चीं चूं चुं से हीहमारी सुबह होती थीआंगन में तुम्हारे फ़ुदकनेके साथ ही तोहम भीशुरू करते थे धमाचौकड़ी।प्यारी... [पूरी पोस्ट]
writer हेमंत कुमार ♠ Hemant Kumar

कविता

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[20 Mar 2010 11:51 AM]

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