मन अब भी खोया रहता है

धड़कन ये बात सपन सी लगती है जब हम भी खुश खुश रहते थे थे पास हमारे तब भी वो जब ख्वाब सुनहरे सजते थे मन खोया खोया रहता था अरमा बेख़ौफ़ मचलते थे है पास हमारे अब भी वो पर तन्हा तन्हा रहते है मन अब भी खोया रहता है पर अरमाँ नहीं मचलते है हम किसको ढूंढा करते है और क्या... [पूरी पोस्ट]
writer
views
10
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[20 Mar 2010 05:21 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix