मधुबनी रेलवे स्टेशन, मिथिला दर्शन ! विकाश यहाँ भी है !!!!
बस मधुबनी से लौट कर आ ही रहा हूँ, लेखक दार्शनिक, आंकड़े के महाग्याता या फिर हमारे लोकतंत्र के नासूर स्वयंभू बुद्धिजीवी पत्रकारों का हुजूम से बिहार विकास की बात को सुन सुन कर सच में लगता है कि बिहार विकास के बयार में बह रहा है।अभी विस्फोट पर पुष्यमित्र ने...
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रजनीश के झा (Rajneesh K Jha)
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[20 Mar 2010 02:22 AM]



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