दोहे- नोट महात्म्य : संजीव 'सलिल'

KABEERA KHADA BAZAR MEIN मायावती जी को नोटों की माला पहनाई जाने पर--दोहे- नोट महात्म्य : संजीव 'सलिल' नोटों की माला पहन, लड़िये आम चुनाव.नोट लुटा कर वोट लें, बढ़ा रहेगा भाव..'सलिल' नोट के हार से, हुई हार भी जीत.जो न रहे पहचानते, वे बन बैठे मीत..गधा नोट-माला पहिन, मिले- बोलिए... [पूरी पोस्ट]
writer दिव्य नर्मदा divya narmada

samyik hindi kavita

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[20 Mar 2010 00:02 AM]

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