सारे जहाँ से अच्छा....

अपनी बात... आज गणतंत्र दिवस है. इधर विद्यालय में बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रिहर्सल चल रही थी, और उधर मेरा मन एक बार फिर बचपन की यादों को टटोल रहा था. याद आ रहे थे वे तमाम गणतंत्र दिवस- स्वतंत्रता दिवस जो हमने बचपन में जिए थे............... कैसी उमंग होती... [पूरी पोस्ट]
writer वन्दना अवस्थी दुबे

संस्मरण.

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[26 Jan 2010 07:01 AM]

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