आज भी हिन्दी हमारी राष्ट्रभाषा क्यों नहिं बन पाई ?

Gyan+ ज्ञान प्लस दुर्भाग्य से "हिन्दी हमारी राष्ट्रभाषा है" एसा भारत के राज्य-बंधारण में कही भी लिखा नहिं है। कोई ओर भाषा को भी राष्ट्रभाषा का दरज्जा नहिं दिया गया। बंधारणसभा के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद और दुसरे कई सदस्यो ने हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने का प्रस्ताव ९... [पूरी पोस्ट]
writer महेन्द्र पटेल

प्रश्न मंच

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[12 Mar 2010 10:25 AM]

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