....तेरे प्यार की महिमा हैं.....अब पता चला किस काबिल हूँ मैं....

युग क्रांति ... सब यूँ देखते हैं जैसे कि कोई कातिल हूँ मैं .........तेरे प्यार की महिमा हैं....अब पता चला किस काबिल हूँ मैं.........तेरे गम के दो जाम लू तो कहते हैं शराबी हूँ मैं........तेरे प्यार की महिमा हैं....अब पता चला किस काबिल हूँ मैं........तेरी तस्वीर को... [पूरी पोस्ट]
writer यशवन्त मेहता "फ़कीरा"

मेरे भीतर का शायर

views
16
upvote
2
downvote
0
rating
2
comments
7
[19 Mar 2010 08:45 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix