शहीद - ए - आजम भगत सिंह - 9 last part
शहीद - ए - आजम भगत सिंह - 9मोल नही कुछ मान मुकुट का,मोल नही कुछ सिंहासन का .जीवन अर्पित करने आया,माटी कर्ज़ चुकाने आया .याचक बन कर मांग रहा हूँ,तेरा दुख पहचान रहा हूँ .लाल जो खेला तेरी गोदी,डाल दे भारत माँ की गोदी .तेरा तो घर द्वार क्रांति का,तू जननी है...
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Kavi Kulwant
शहीद - ए - आजम भगत सिंह - 9
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[19 Mar 2010 07:34 AM]



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