नव रात्रि मे अद्बुत माता सेवा गीत--धरोहर------------ललित शर्मा
हमर 36 गढ के मा गांव जंवारा बैठाए हे जौन हा मानता माने रिहिस तौन हा, संझा के सेवा वाला मन के मांदर अउ झान्झ मंजीरा बाजथे त बड़ सुग्घर लागथे। जैइसन जैइसन ताल के गति बाढते तैसन तैसन गोड़ हां नाचे ला घरथे, अउ गोड़ के नाचे के गति हां घला बाढ जाथे।संगी हो आज आप...
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ललित शर्मा
जसगीत
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[19 Mar 2010 07:18 AM]



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