क्षितिज ने पहली बार चादर हटाई है
दिल में अजीब सी उलझन है पर लगता यूँ है ,कुछ उम्मीद नजर आई है.सब कुछ भुला देने को मन करता है,तो ऐसी कौन सी बात याद आई है.नजरों के सामने भीड़ दिखाई पड़ती है,पर अन्दर तो दिखती तन्हाई है.अँधेरा भी है और सन्नाटा भी,पर देखा तो लगा, कोयल गयी है.मौसम थमा सा और...
[पूरी पोस्ट]
रूपम
15
1
0
1
2
[19 Mar 2010 06:29 AM]



Shuffle








