रुख हवा की न बदले यही चाहती हूँ
" रुख हवा की न बदले यही चाहती हूँ "रुख हवा की न बदले यही चाहती हूँऔर ज़फा से रहूँ दूर यही चाहती हूँदूरियाँ तो न चाही सिफर ही मिलायादों को बसा लूँ यही चाहती हूँतबस्सुम तो है पर शिकन कम नहींबस आँसू न निकले यही चाहती हूँजिन्दगी के सफ़र से तो दहशत नहींपर...
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Kusum Thakur
कविता
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[19 Mar 2010 06:16 AM]



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