मेरी शोभा प्यारी है : रावेंद्रकुमार रवि का नया बालगीत
मेरी शोभा प्यारी है! मेरे आगे फीकी सारे,
रंगों की पिचकारी है!
मुझको पाकर सरसा करती,
बगिया की हर क्यारी है! मैं जब खिलता हूँ मुस्काकर,
सज जाती फुलवारी है!
मेरे-जैसी बस दुनिया में,
बच्चों की किलकारी है! मेरे अंदर ख़ुशबू भी है,
सुंदरता भी न्यारी है!
मैं...
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रावेंद्रकुमार रवि
बालगीत
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[19 Mar 2010 04:02 AM]



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