आँखों ही आँखों में

जो न कह सके मेरी पत्नी की बचपन की सखी अपने पति से साथ हमारे यहाँ खाने पर आयीं थीं. मुझे स्वयं यह महिला कुछ अधिक पसंद नहीं क्योंकि जितनी बार भी मिला हूँ, मुझे लगता है कि वह हमेशा कुछ न कुछ रोना या शिकायत ले कर कुढ़ती रहती हैं, जबकि उनके पति मुझे सीधे साधे से लगते... [पूरी पोस्ट]
writer Sunil Deepak
views
6
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[18 Mar 2010 23:59 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix