सूखे फूल
ख्वाब यूँ ही दफ़न हो जाते हैं ज़िम्मेदारी की किताबों में परत दर परत.. पन्ने पलटो तो झर जाते हैं सूखे फूल की तरह...
[पूरी पोस्ट]
sangeeta swarup
chhoti kavita
6
0
0
0
0
[12 Jan 2010 08:35 AM]



Shuffle








