चमक

बिखरे  मोती हथेलियों ने सहला दिया था आँखों को और समेट लिए थे सारे मोती वापस आ गयी है आँखों में फिर से वो चमक जिसकी रोशनी में तुम नहाया करते थे... [पूरी पोस्ट]
writer sangeeta swarup
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[15 Jan 2010 02:59 AM]

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