देश की दिशा बकौल रघुवीर सहाय
1970 से 1975 तक की रघुवीर जी की कविताएं उनके कविता संग्रह हंसो हंसो जल्दी हंसो में संग्रहीत हैं। इसी संग्रह में है यह विडम्बना व्यक्त करती व्यंग्य कविता-अतुकांत चंद्रकांतचंद्रकांत बावन में प्रेम में डूबा थासत्तावन में चुनाव उसको अजूबा थाबासठ में चिंतित...
[पूरी पोस्ट]
अरविन्द चतुर्वेद
13
1
0
1
2
[18 Mar 2010 11:44 AM]



Shuffle








