या देवी सर्व भूतेषु मातृ रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः

हमारा खत्री समाज देवी दुर्गा की उत्‍पत्ति एवं परिकल्‍पना अत्‍यंत प्राचीन है। वैदिक काल में उनकी परिकल्‍पना शक्ति रूपा रात्रि देवी के रूप में की गयी है, जो कर अपनी बहन ब्रह्मविद्यामयी उषा देवी को प्रकट करती है। जिससे अविद्यामय अंधकार स्‍वत: नष्‍ट हो जाता है। निरू स्‍वसार... [पूरी पोस्ट]
writer संगीता पुरी
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[18 Mar 2010 08:31 AM]

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