हम किराये पर लेते हें विदेशी कोख
हम बहुत तरक्की कर रहें हेंपहले बेटियों को मारते थेबहुओ को जलाते थेअब तो हमकन्या भ्रूण हत्या करते हैदूर नहीं है वो समयजब हम फक्र से कहेगेपुत्र पैदा करने के लियेहम किराये पर लेते हेंविदेशी कोखकुछ पुराने कमेंट्स यहाँ देखे और अपनी बात भी वही कहे© 2008-10...
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[18 Mar 2010 01:44 AM]



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