उनके आने से मेरे घर में उजाले हो गए
तूफान ने लाख डूबना चाहा पर , बचा लिया ऊपर उछाल कर ज्वारो ने । चह जगाने लगी सृष्टि कि फिर, प्रकृति कसमसाने लगी । उनके आने से मेरे ,घर में उजाले हो गए । दुश्मनों को देखिये , मुंह आज काले हो गए ।...
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Bhagyoday
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[17 Mar 2010 11:53 AM]



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