देसिल बयना 22 : दिहैं तो कपाल....
-- करण समस्तीपुरी जय राम जी की !सोचते-सोचते बुध का सांझ हो गया और हम अभी तक सोचिये रहे हैं कि देसिल बयना में आज आप लोगों के सामने का लेके हाज़िर होएं.... काहे कि आप तो पाठक लोग राजा हैं और कहावत है, "राजा-जोगी-पेखना (मेला) ! खाली हाथ न देखना !!" सो हाथ...
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करण समस्तीपुरी
करण समस्तीपुरी
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[17 Mar 2010 09:56 AM]



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