मुझे पीने का शौंक नहीं,बस पी लेता हूँ!...
मुझे पीने का शौंक नहीं,बस पी लेता हूँ!सोचता हूँ आज फिर कोई मार दे मुझे,अपने हिस्से के गम सारे उधार दे मुझे,निगाह-ए-खंज़र उपहार दे मुझे,गौर करे ना करे पर सुने तो,हमे ना बताये पर हमे चुने तो,पूरे ना हो सपने सही हम बुने तो,शोख अदाओं का हसीं सा खुमार दे...
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kunwarji's
hindi poem
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[17 Mar 2010 09:34 AM]



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