मिलिए बंगलूरू की महिला पुरोहित स्वतंत्रलता शर्मा से
भारतीय आेपिनियन में प्रकाशित आज महिलाएं तमाम किस्म के स्टीरियोटाईप को तोड़ रही हैं और हर उस क्षेत्र में अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही हैं जहां पहले कभी उनके होने या काम करने के बारे में सोचा भी नहीं गया था। अठत्तर बसंत से ज्यादा देख चुकीं स्वतंत्रलता...
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INDRADHANUSH
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[17 Mar 2010 03:41 AM]



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