चिंता की चिंता में चिंतत चिंतन

हथौड़ा हम इंसान बात-बात पर चिंता जताने के अतिरिक्त कुछ और भी करते हैं! जब दिल करता है और जहां सुविधा महसूस होती है, बस चिंता जताने चल देते हैं। गजब यह है कि चिंता को कभी चिंता नहीं रहने देते। चिंता को इस भाव के साथ प्रकट करते हैं कि चिंता स्वयं चिंतन में डूब... [पूरी पोस्ट]
writer अंशुमाली रस्तोगी

व्यंग्य

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[17 Mar 2010 01:33 AM]

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