मयखाने में गुलाब
गुलाब खूबसूरत है मग़र इतना 'ओवर-एक्स्पोस्ड' भी कि इसकी खूबसूरती पे दिल मचलता नहीं , तोड़ ही लेनेको हाथ बढ़ते नहीं । फिर इसकी वो जानी -पहचानी महक जो कई मंदिरों , मज़ारों और श्मशानों औरमयखानों की स्मृतियों का अजब घाल-मेल पैदा करती है । मैं जंगलों में आप ही...
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मुनीश ( munish )
yaari-दोस्ती
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[17 Mar 2010 01:21 AM]



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