नवरात्रि द्वितीय दिवस - विस्वावा शिम्बोर्स्का की कविता
नवरात्रि के प्रथम दिन प्रकाशित फातिमा नावूत की कविता पर खुशदीप सहगल ने कहा दुनिया में खुशियों को सही तरीके से तकसीम कोई ख़ातून (महिला) ही कर सकती है. श्याम कोरी 'उदय' ,विनोद कुमार पाण्डेय , रंजना , राज भाटिय़ा और साधना वैद को यह कविता बहुत पसन्द आई ....
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शरद कोकास
कविता
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[17 Mar 2010 01:09 AM]



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