सूरज, चांद, तारे, जमीन, आकाश, पेड़- पौधे, जीव जंतु... यानी सारे जगत का, कौन यह रचनाकार है ? . . . . . . आईये उस से मुलाकात करें !
...मेरे रचनाकार मित्रों,२६ फरवरी से प्रारंभ यह लेखमाला अभी और आगे चलेगी... अब तक के आलेख हैं:-ईश्वर है या नहीं, आओ दाँव लगायें...क्या वह वाकई पूजा का हकदार है...एक कुटिल(evil) ईश्वर को क्यों माना जाये... अब सवाल यह भी उठना लाजिमी है कि मैं यह सब क्यों...
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प्रवीण शाह
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[16 Mar 2010 23:14 PM]



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