यू.के.(बेलफास्ट, आयरलैंड) से दीपक ‘मशाल’ की लघु कथा
“मुझे नहीं होना बड़ा”
दीपक ‘मशाल’
आज फिर सुबह-सुबह से शर्मा जी के घर से आता शोर सुनाई दे रहा था. मालूम पड़ा किसी बात को लेकर उनकी अपने छोटे भाई से फिर कलह हो गयी.. बातों ही बातों में बात बहुत बढ़ने लगी और जब हाथापाई की नौबत आ...
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महावीर
लघु कथादीपक चौरासिया 'मशाल'
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[16 Mar 2010 19:10 PM]



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