कोई गीत प्यार के गाओ तुम

Kuchh kahi kuchh unkahi कोई गीत प्यार के गाओ तुम,मेरे थके हुए मन को,हौले से आ दुलरा जाओ तुम।कोई गीत प्यार के गाओ तुम।मैं पंछी बन नभ में घूमूं,और मस्ती में हरदम झूमूँ,दूँ प्यार लुटा अपना सारा और अश्क भरी आँखें चूमूं,अपनी आँखों में मेरे सपनों के रूप अनेक सजाओ तुम।कोई गीत प्यार के... [पूरी पोस्ट]
writer Nihar Khan
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[16 Mar 2010 12:32 PM]

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